लव मैरिज वाली बहु या अरेंज मैरिज वाली बहु?? भाग २

 एक कोने में बैठी बेबस लाचार औरत के समान आसुओं से चेहरा भर लिया था निशा ने, मानों आज तो इन आंसुओं का बांध ही टूट गया हो।


वो खुदको देख कर यकीन नही कर पा रही थी के ये वही लड़की है जो दूसरों को हमेशा हौसला देती थी,जिंदगी से ना हारने की सीख देती थी,जो मुसीबत में भी चट्टान की तरह खड़ी रहती थी।

शीशे में खुद को देख बस सवाल करती रही,ये क्या होगया है मुझे मैं कमज़ोर नही हूं,कभी नहीं थी। बिखरे हुए तिनको से खुदको समेट कर कैसे आगे बढ़ना है ये मैं जानती हूं और यूं इस कदर हालत से हारकर नही रहूंगी। भगवन जब तक आप मेरे साथ हैं मैं हर चुनौती का सामना कर सकती हूं बस मुझे हिम्मत और हौसला दें ।

इस दौरान निशा के पति की जॉब चली गई और वो घर पर रहने लगे।
निशा दिन रात उसका मनोबल बढ़ाने की कोशिश करती,दूसरे शहर में जॉब के लिए अप्लाई करने को कहती पर कुछ भी कोशिश कारगर ना होती क्योंकि उसकी सास नही चाहती थीं के उसकी बहु कहीं दूर जाए और उसके हाथों से निकल जाए इसलिए लाख कोशिशों के बाद भी हर अच्छी जॉब को शुभम ने ठुकरा दिया सिर्फ अपने मां बाप के लिए।



अभी जॉब के इतने अच्छे प्रस्ताव हैं आपके पास,वक्त बदलते देर नहीं लगती,पता नहीं ये ऑफर बादमें मिलें या ना मिले। ऐसी लापरवाही करना आपके करियर के लिए अच्छा नहीं है।

मैं इकलौता बेटा हूं अपने मां बाप का,ये जो इतनी सारी ज़मीन जायदाद है वो मेरी ही तो है,सही तो कह रहे थे मम्मी पापा मैं किसी के आगे काम क्यों करूं भला जब मैं आराम से बिना कुछ किए बैठ कर खा पी सकता हूं।

मौसम बदलने लगे,महीने आगे बढ़ने लगे धीरे धीरे शुभम दिखा के मम्मी ने निशा की सब्ज़ी में नमक बढ़ा दिया था,जिसकी वजह से अकसर निशा ने खरी खोटी सुनी,क्योंकि वो अपनी बेगुनाही का सबूत ना दे सकी इसलिए चुपचाप सब सुन लेती।

शुभम को अपनी गलती का एहसास, उसे समझ आया के निशा एकदम सही थी जब वो कहती थी के उसने चख के बनाया था तब सब बराबर मात्रा में था।

२ महीने ही बीते थे के निशा की सास ने उसे बात बात पर खर्चीली बताना शुरू कर दिया था।उनका कहना था तुम दोनों के बहुत खर्चे हैं, जिसमे की तुम्हारा पति कुछ कमाता धमाता है नहीं बस घर पर बैठा है बोझ की तरह।

यह सुनते ही निशा अचंभित हो उठी क्योंकि उसे इसी बात का डर था जो शुभम अब तक नहीं समझ पा रहा था। अब किस्मत का खेल कहिए या कुछ और,शुभम उस वक्त वहीं से गुज़र रहा था और अपनी मां के चुभीले शब्द सुन लिए थे।

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क्या शुभम अपनी मां से लड़ेगा इस बात को सुनने के बाद या अपना गुस्सा निशा के ऊपर निकालेगा या वो इस सब से दूर भाग जायेगा??


जानने के लिए पढ़िए कहानी का अगला भाग।


अमिता शर्मा

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